अर्थव्यवस्था

जिला बस्ती की अर्थव्यवस्था कृषि और कृषि आधारित छोटे-स्तरीय उद्योगों पर आधारित है। ऐसे कई लघु उद्योग हैं जो स्थानीय लोगों को रोजगार प्रदान करते हैं। चीनी कारखानों, कुटीर उद्योग और ब्रासवेयर, लोहा और बढ़ई  सामान, कृषि उपकरण, ईंट, कृषि उत्पाद, साबुन, मोमबत्तियां और मिट्टी के बर्तनों की विनिर्माण इकाइयों सहित लघु उद्योगों में मौजूद हैं। बस्ती, राष्ट्रीय रूप से बांस, नीलगिरी (नीलगिरी टेरिट्रॉर्निस), आम और शिशम (डाल्बर्गिया सिसोओ) के लिए भी प्रसिद्ध है। जिले में तीन चीनी कारखानों और कई चावल मिल है। गन्ना, मक्का, धान, दालों, गेहूं, जौ और आलू को सामान्यतः खेती की जाती है। 2006 में पंचायती राज मंत्रालय ने बस्ती को देश के 250 सबसे पिछड़े जिलों में से एक (कुल 640 में से)चयनित किया था।  भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय ने (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम) लागू किया है। भारत सरकार , उत्तर प्रदेश सरकार की मदद से गरीब परिवारों की अर्थव्यवस्था में सुधार किये जा रहे हैं|